शुक्रवार, 29 अप्रैल 2011

अखण्ड ज्योति अप्रेल 1947















अखण्ड ज्योति मार्च 1947














अखण्ड ज्योति फरवरी 1947












अखण्ड ज्योति जनवरी 1947











बुधवार, 27 अप्रैल 2011

अखण्ड ज्योति दिसम्बर 1946

1. विपत्ति की आशंका से घबराइये नहीं

2. पहले इस पृष्ठ को पढ़ लीजिए

3. उत्पातों की जड़ को काटिए

4. स्वयं विचार करना सीखो

5. कर्म-योग का संदेश

6. आदतें बनाई जाती हैं

7. केवल मंगल के लिए ही बोलिए

8. सच्ची सौन्दर्योपासना

9. बुजदिली से हिन्सा अच्छी

10. अपना सम्मान करो

11. विचार शक्ति का महत्व

12. चाय मत पीजिए

13. सुख की प्राप्ति के साधन

14. अर्थ-उपार्जन

15. अच्छाइयां देखिए

16. सती किसे कहते हैं ?

17. शरीर और मन की निरोगता

18. शरीर को स्वस्थ रखिए

19. अखण्ड ज्योति द्वारा प्रकाशित अमूल्य पुस्तकें

20. मानव से

अखण्ड ज्योति नवम्बर 1946

1. भलाई करना ही सबसे बड़ी बुद्धिमानी हैं

2. अगले वर्ष के प्रथम तीन अंक बड़े अद्भुत एंव आश्चर्यमय होंगे

3. शक्ति संचय के पथ पर

4. भगवान कैसे दिखाई देंगे

5. कर्मयोग के मार्ग की श्रेष्ठता

6. क्रोध का स्वास्थ्य पर प्रभाव

7. वासनाओं को त्यागो, संसार को नहीं

8. धर्म बनाम साम्प्रदायिकता

9. कुविचारों से छुटकारा कैसे मिले

10. छुईमुई प्रकृति वाले आदमी

11. वैराग्य की विवेचना

12. अमित दानी भर्ता

13. यज्ञोपवीत के तीन लड़, नौ तार, 96 चैंवे

14. पुष्पांजलि

15. उद्बोधन

अखण्ड ज्योति अक्टूबर 1946


















अखण्ड ज्योति सितम्बर 1946

1. जीने योग्य जीवन, जिओ

2. अखण्ड ज्योति द्वारा प्रकाशित अमूल्य पुस्तकें

3. व्यभिचार से दूर रहो

4. बहाने मत बनाओ

5. श्राद्ध का रहस्य

6. वनास्पति घी

7. वेद की शिक्षा का सार

8. व्यक्तित्व का संतुलन

9. बुढि़या पुराण

10. स्त्रियां और व्यायाम

11. भावना ही प्रधान हैं

12. दोषों को छिपाने से काम न चलेगा

13. हम दुखों को कम कर सकते हैं

14. घास का सेवा धर्म

15. साधना में धैर्य की आवश्यकता

16. कार्य और अकार्य का निर्णय

17. जीवन की बागडोर आपके हाथ में हैं

18. क्या संसार मिथ्या हैं

19. स्वार्थ बनाम परमार्थ

20. प्रेस फण्ड के लिए सहायतायें

21. क्यो यह दुनिया नरक बनाए

अखण्ड ज्योति जुलाई 1946

1. तपस्या से ही अभीष्ट उद्धेश्य प्राप्त होता हैं

2. अखण्ड ज्योति द्वारा प्रकाशित अमूल्य पुस्तकें

3. संतोष का तत्व

4. चतुर्मुखी-ब्रह्मा

5. विचारणीय तत्व

6. आइए आपका मनोविश्लेषण करे

7. मानसिक विकास का अटल नियम

8. यज्ञ द्वारा रोगों की चिकित्सा

9. ज्योति वर्धक, नेत्र व्यायाम

10. एक चमत्कारी कथन

11. यदि गेंहू न मिले तो ?

12. भोपाओं का भ्रम जाल

13. दिव्य ज्योति

14. हमारा यह शरीर ही कुरू क्षेत्र हैं

15. अखण्ड ज्योति के जीवन का दूसरा अध्याय आरम्भ होता हैं

16. दुखी सदा को ? विषयानुरागी

17. सुख दुःख के साथी

18. आपकी आकांक्षाए शुभ हो

19. परमार्थी विश्व में स्वार्थी मानव

अखण्ड ज्योति जून 1946

















अखण्ड ज्योति मई 1946

1. पहले अपनी सेवा और सहायता करो

2. अखण्ड ज्योति द्वारा प्रकाशित अमूल्य पुस्तकें

3. उपार्जन की मर्यादा

4. वासना की तृप्ति का तात्पर्य

5. अहिंसा

6. सा विद्या या विमुक्तये

7. पति और पत्नी

8. शक्तियों का अपव्यय न करो

9. अग्निहोत्र और शिवलिंग

10. जोश के साथ होश

11. दो उपयोगी प्राणायाम

12. जो अकेला खाता हैं वह पाप खाता हैं

13. स्त्री और पुरूष

14. विवाहित जीवन सुखमय कैसे बनता हैं ?

15. प्रतिभा को जाग्रत करने का उपाय

16. मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार का स्वरूप

17. डायरी लिखने की आवश्यकता

18. गायत्री प्रार्थना

अखण्ड ज्योति अप्रेल 1946

1. अपनी भूलों को स्वीकार कीजिए

2. पूजा का आत्मिक रहस्य

3. देवताओं के अनुग्रह का मार्ग

4. धर्म का विश्वास

5. सहज समाधि

6. सब कुछ भगवान की हैं

7. रोग निवारण के मानसिक प्रयोग

8. सत्य का तथ्य

9. सत्य ही शक्ति हैं

10. पेट ठीक रखने की दो क्रियायें

11. दाम्पत्य प्रेम का संतति पर प्रभाव

12. आत्म संयम का आनंद

13. आसन से स्वास्थ्य लाभ

14. मिथ्या व्यवहार की मूर्खता

15. हम गलती क्यों करते हैं ?

16. स्वप्न दोष कैसे रूके ?

17. मांस खाने से मनुष्य में पशुता

18. हँसने से स्वस्थता की प्राप्ति

19. कवि का-वाणी से

अखण्ड ज्योति मार्च 1946

1. मन में से भय की भावनाए निकाल फेंकिए

2. अखण्ड ज्योति द्वारा प्रकाशित अमूल्य पुस्तकें

3. अपने चिकित्सक स्वयं बनिए

4. मानसिक व्याधियों के विविध उपचार

5. आधुनिक मनोविज्ञान की रोग निवारक रीतियां

6. मनोविश्लेषण द्वारा रोग निवारण

7. पागलपन का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण तथा निवारण

8. मानसिक नपुंसकता और बांझपन

9. धर्म कार्यों में अशुद्ध घृत न बरता जाए

10. बसंत

अखण्ड ज्योति फरवरी 1946

1. अपने चिकित्सक स्वयं बनिए

2. विश्वास-चिकित्सा या फेथक्योर

3. रोग तथा व्याधि का मनोवैज्ञानिक पहलू

4. मनोजनित रोगों की उत्पत्ति एवं विकास

5. लीलामयी अन्तश्चेतना के चमत्कार

6. भिन्न भिन्न प्रकार के मानसिक रोग

7. इष्ट आत्मद्योतन से शारीरिक रोग दूर होते हैं

8. वासना, पागलपन और आत्महत्या

9. पाठकों को कुछ आवश्यक सूचनाए

अखण्ड ज्योति जनवरी 1946

1. नवजीवन का पथ पदर्शक मनोविज्ञान

2. धार्मिक सिद्धान्तो पर विश्वास क्यों करे ?

3. मनःस्थिति का भोजन पर प्रभाव

4. दूसरों के मनोभावों को समझिए

5. व्यावहारिक सफलता का रहस्य

6. कल्पना शक्ति साक्षात् कल्पलता हैं ?

7. मनोभावों से स्वास्थ्य का उत्थान और पतन

8. जनता की मनोवृतियों से लाभ उठाइये

9. चतुर दुकानदार को क्या जानना चाहिए ?

10. दाम्पत्य जीवन की सफलता का मनोविज्ञान

11. अपने स्वभाव का अध्ययन कीजिए

12. नन्हे शिशुओं की प्रकृति का अध्ययन कीजिए

13. मनोविज्ञान के कुछ विचित्र प्रश्न

अखण्ड ज्योति दिसम्बर 1945





















अखण्ड ज्योति नवम्बर 1945

















अखण्ड ज्योति अक्टूबर 1945
















अखण्ड ज्योति सितम्बर 1945




















अखण्ड ज्योति अगस्त 1945






















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