बुधवार, 18 मई 2011

अखण्ड ज्योति जून 1961

1. जीवन श्रंगार (कविता)

2. जिन्दगी जीने की समस्या

3. अहंकार का तो उन्मूलन ही किया जाये

4. गायत्री का देवता-सविता

5. आध्यात्मिक साधना का चरम लक्ष्य

6. विचारणीय और मननीय

7. ऐसे होते हैं सच्चे ईश्वर भक्त

8. कठिन समस्याओं का सरल समाधान

9. धर्म पुराणों की सत् कथायें

10. महान् कर्मयोगी-स्वामी विवेकानन्द

11. बड़ों की बड़ी बातें

12. राष्ट्रीय चरित्र निर्माण में आपका योग

13. बालक के निर्माण में माता का हाथ

14. स्वाध्याय सन्दोह

15. गायत्री विद्या की कल्याण ज्योति

16. प्यासे मन (कविता)

अखण्ड ज्योति मई 1961


1. भावना के फूल (कविता)

2. अपना सुधार-संसार की सबसे बड़ी सेवा हैं

3. ईश्वर विश्वास से ही सदाचार सम्भव हैं

4. धर्म धारणा का लक्ष्य और उद्देश्य

5. हृदय और बुद्धि का समन्वय

6. तप साधना की आवश्यकता

7. राष्ट्रीय उन्नति का प्रधान स्तम्भ-नागरिकता

8. कठिन समस्याओं के सरल समाधान

9. धर्म पुराणों की सत् कथायें

10. आप बहुत कुछ कर सकते हैं

11. दृष्टिकोण का अन्तर

12. विचारणीय और मननीय

13. गायत्री की प्राण प्रक्रिया

14. महानता का आदर्श

15. विश्व को अध्यात्म का संदेश देने वाले अरविन्द

16. कहा तो उनने था-पर सुने हम भी

17. वासना की बाघिन

18. उद्बोधन (कविता)

अखण्ड ज्योति अप्रेल 1961

1. कर्म की जगमग जले मशाल

2. सेवा का सबसे बड़ा अधिकारी-हमारा मन

3. अन्धकार को हटाने के लिए

4. ब्रह्म साक्षात्कार क्यों नही होता ?

5. भगवदापर्ण: गीता का प्रेरक आदर्श

6. अपूर्णता से पूर्णता की ओर

7. व्यवहार कुशलता की आध्यात्मिक पृष्ठभूमिया

8. सौ वर्ष तक उन्नतिशील जीवन जियो

9. आवश्यकताये बढ़ाइये नहीं, घटाइये

10. तप द्वारा विश्व हित में संलग्न-पौहारी बाबा

11. आगामी वर्ष का विश्व भविष्य

12. सुनसान के सहचर

13. मानव के अनुकरणी आदर्श

14. मधु संचय

15. प्रतीक्षा (कविता)

अखण्ड ज्योति मार्च 1961

अखण्ड ज्योति फरवरी 1961

अखण्ड ज्योति जनवरी 1961

अखण्ड ज्योति दिसम्बर 1960

1. सहयोग भावना (कविता)

2. दोषों में भी गुण ढूँढ निकालिए

3. गायत्री की सहस्त्र शक्तियाँ

4. मनुष्य की सत्ता और उसका कर्तव्य

5. साधना के लिए गंगा तट की महिमा और महत्ता

6. हे दयामय ! हमें अँधेरे से निकाल

7. मन को स्वस्थ कैसे बनाया जाय ?

8. गायत्री मन्त्र की अनुभूति

9. मानव की सद्वृत्तियों एवं शक्तियों को जगाना आवश्यक हैं

10. नारी को विकसित किया जाना आवश्यक हैं

11. हिमालय हृदय-धरती का स्वर्ग


अखण्ड ज्योति नवम्बर 1960

1. आत्म बोध (कविता)

2. आत्म-सुधार से ही सच्ची शान्ति सम्भव हैं

3. प्रेरणाप्रद दोहे

4. गायत्री की सहस्त्र शक्तियाँ

5. अध्यात्म साधना के लिए हिमालय ....

6. महानता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार हैं

7. मानवता के लक्षण

8. प्रगति के पथ पर बढ़ते ही जाइये

9. हमारा व्यक्तित्व ओछा न हो

10. नारी को अविकसित न रखा जाय

11. हम भी अपना स्वार्थ सिद्ध क्यों न करे ?

12. दाम्पत्य जीवन का सुख यों प्राप्त करे

13. गायत्री उपासना के सत्परिणाम

14. चटोरापन छोडि़ये-ब्रह्मचारी बनिए


अखण्ड ज्योति अक्टूबर 1960

अखण्ड ज्योति सितम्बर 1960

1. जल रहे हैं ज्योति के प्यासे नयन (कविता)

2. जीवन यात्रा का महान् पथ

3. गायत्री उपासना विधि पूर्वक ही की जाय

4. आचार्य जी की डायरी के कुछ पृष्ठ

5. सत्य की साधना और सिद्धि

6. कष्ट साध्य तपश्चर्या व्यर्थ हैं

7. हमें भगवान कैसे मिले ?

8. मानव जीवन की सार्थकता

9. प्रलय तो होगी, पर अभी कुछ देर हैं

10. प्रेरणाप्रद दोहे

11. हमारे बाल्यावस्था के आचार्य जी

12. सदाचारी ही भगवान का सच्चा भक्त हैं

अखण्ड ज्योति अगस्त 1960

1. प्राण अब बन साधना का दीप (कविता)

2. अधीरता मनुष्य की क्षुद्रता का चिन्ह हैं

3. गायत्री साधना की पृष्ठ भूमि

4. आत्म संयम की साधना

5. समस्त ज्ञान का आधार परमात्मा ही हैं

6. कर्म से ही मुक्ति संभव हैं

7. धर्म-बुद्धि की अवहेलना से मानसिक क्लेश

8. सन् 62 के लिए एक प्राचीन ग्रन्थ की भविष्यवाणी

9. सात्विक शब्दों की प्रचण्ड शक्ति

10. हिन्दू धर्म में संस्कारों का महत्व

11. अवकाश के समय का सदुपयोग कीजिए

12. कठिनाइयों से घबराना क्या ?

13. गृहस्थ और साधु जीवन का आदर्श

14. नवीन सृष्टि की रचना करने वाले इस युग के विश्वामित्र-परमपूज्य आचार्य जी महाराज

अखण्ड ज्योति जुलाई 1960

1. अभिव्यक्ति (कविता)

2. आचार्य जी की तप साधना का उद्देश्य

3. स्थूल और सूक्ष्म शक्तियों का स्त्रोत-गायत्री

4. जीवन का साध्य आत्मज्ञान

5. संसार का कल्याण अध्यात्म से ही सम्भव हैं

6. आत्मविश्वास का मर्म

7. धर्म का सच्चा रूप

8. मनःशक्तियों का सदुपयोग

9. पहिले स्वयं पर विजय प्राप्त कीजिए

10. चिन्ताओं की उलझन से बाहर निकलिए

11. साधना में सेवा का महत्व

12. नेहरू जी के जन्म का गुप्त रहस्य

13. गायत्री साधना से वेद ज्ञान की प्राप्ति

14. गुरू पुर्णिमा का पुनीत पर्व

15. सहयोग भावना

अखण्ड ज्योति जून 1960

1. हृदय में नव उल्लास भरो (कविता)

2. परमपूज्य आचार्य जी का अज्ञातवास

3. गायत्री की तीन महाशक्तिया

4. व्यवहारिक आध्यात्मिकता

5. विश्व प्रेम ही ईश्वर प्रेम हैं

6. क्या हमारे शरीर का अमर होना सम्भव हैं ?

7. प्रार्थना का महत्व

8. महाभारत के दो मननीय श्लोक

9. कृपया घबराया मत कीजिए

10. गुरूजनो को श्रद्धांजलि अर्पित करने का पर्व-गुरू पुर्णिमा

11. कार्यकुशलता का गुण तथा उससे लाभ

12. चारों वेदों का सरल हिन्दी भाष्य

अखण्ड ज्योति मई 1960

1. सभी को उर से प्यार करो

2. मानव जीवन की सफलता का मार्ग

3. गायत्री माता का परिचय

4. विश्व रचियता ईश्वर

5. प्रार्थना की अदृश्य सामर्थ्य

6. अन्त समय की तैयारी

7. नैतिकता की खरी कसौटी

8. आत्म कल्याण का सरल मार्ग

9. गांधी दर्शन पर आधारित एकादश व्रत

10. चिन्तन कम ही कीजिए

11. दूसरों की भावनाओं का भी ध्यान रखिए

12. गायत्री जयन्ती की महत्ता और हमारा कर्तव्य

13. इस पवित्र देह से पाप मत कीजिए

14. महर्षि गौतम की गायत्री उपासना

अखण्ड ज्योति अप्रेल 1960

1. धरा को ज्योतिर्मय कर दो (कविता)

2. अपने दृष्टिकोण को परिमार्जित कीजिए

3. आत्म-उपदेश

4. गायत्री का अधिकार और अनाधिकार

5. हम दूसरों के गुणों पर ही ध्यान दे

6. प्रेम की साधना

7. विश्वास युक्त प्रार्थना का प्रभाव

8. श्रद्धा और उसकी शक्ति

9. ब्रह्मदेव कृत सामूहिक यज्ञ

10. आपकी कठिनाइयां क्या हैं ?

11. कर्तव्य पथ का प्रेरक-रामनवमी पर्व

12. जीवन को सुख-शांतिमय बनाने वाला साहित्य

अखण्ड ज्योति मार्च 1960

1. उठो, बढ़ो आगे (कविता)

2. हम सुख से ललचाकर दुख में न फंसे

3. हम जीवन का उद्देश्य पूर्ण करे

4. ब्राह्मण की कामधेनु गौ-गायत्री

5. गायत्री रहित ब्राह्मण की दुर्गति

6. सन् 1962 का अष्ट ग्रहयोग

7. हमारा जीवन और उसका सनातन रहस्य

8. भोजन और भजन का सम्बन्ध

9. ‘‘चींटी के पग हस्ती बांधे’’

10. कुंठित भावनाओं का निकाल दीजिए

11. कृपया बेईमानी मत कीजिए

12. अवसरों से लाभ उठाना सीखिए

13. गायत्री उपासना से सन्तान लाभ

14. होली का वास्तविक स्वरूप

15. कुछ भूल जाना भी आवश्यक हैं

अखण्ड ज्योति फरवरी 1960

1. दुःख सुख समझ समान

2. सुख शान्ति का सच्चा मार्ग

3. अध्यात्म से जीवन की समस्याओं का हल

4. उत्तम जीवन व्यवहार ही हमारा धर्म हैं

5. क्या स्वर्ग और नर्क इसी संसार में मोजूद हैं ?

6. उपासना में इन्द्रिय निग्रह की आवश्यकता

7. वह स्वर्ग पुत्र जो संसार का उद्धार करते हैं

8. मानवता का उच्च लक्ष्य और अधिकार

9. संकल्प बल कैसे बढ़ाये

10. जीवन का लक्ष्य एक हो

11. संसार की सर्वश्रेष्ठ वस्तु प्राप्त करे

12. अपने गुरू स्वयं बनिये

13. सन् 1962 का भयंकर ग्रहयोग

14. महाशिवरात्रि की प्रेरणा

15. अध्यात्म विद्या का प्रथम सोपान

अखण्ड ज्योति जनवरी 1960

1. जीवन लक्ष्य महान्

2. आप ईश्वर के पुत्र हैं !

3. प्राणिमात्र की एकता और आधुनिक विज्ञान

4. परलोक जीवन और सात नर्क

5. कर्मयोग द्वारा सर्व सिद्धियां प्राप्त होती हैं

6. विघ्नराज गणेश जी और उनकी उत्पत्ति

7. श्री अरविन्द घोष की पूर्ण योग साधना

8. गायत्री जप से संसार का अभ्युदय

9. एक महात्मा की सोऽम साधना

10. हम भारतीय संस्कृति के आदर्शो को न भूले

11. खोज करने से सद्गुरू भी मिलते हैं

12. विद्या और ज्ञान का त्यौहार बसंत पंचमी

13. मानसिक उन्नति में भोजन का स्थान

14. पशुबलि के कलंक को अब धो ही डाला जाय

15. तपोभूमि में प्राकृतिक चिकित्सा एवं शिक्षा की व्यवस्था

अखण्ड ज्योति दिसम्बर 1959

1. जलाओ ऐसा दीपक एक

2. प्रेम ही ईश्वर हैं, ईश्वर ही प्रेम हैं

3. ब्राह्मणत्व का उच्च आदर्श

4. योग साधन द्वारा जीवन विकास

5. कबीर जी के आध्यात्मिक उपदेश

6. सच्चा संतोष ही सबसे बड़ा धन हैं

7. सविता की महान् शक्ति सावित्री

8. सूर्य विज्ञान के अद्भुत चमत्कार

9. महात्मा मुगुटराम जी की चमत्कारी साधना

10. स्वर-साधन द्वारा कार्य सिद्धि

11. परमहंस रामकृष्ण देव की अमृतवाणी

12. गुरू दीक्षा का महत्व

13. पौहारी बाबा की ‘‘पूर्णाहुति’’

14. गौ रक्षा का आध्यात्मिक दृष्टिकोण

15. मानव जीवन की महानता

16. दैवी सहायता प्राप्ति के स्पष्ट प्रमाण

17. हमारा भूत और भविष्य

18. गायत्री विद्या के अमूल्य ग्रन्थ रत्न

अखण्ड ज्योति नवम्बर 1959

1. समदर्शी

2. अखण्ड ज्योति की भावी विधि व्यवस्था

3. सच्चे परिब्राजक ही राष्ट्र को ऊँचा उठा सकते हैं

4. हिंसा और अहिंसा का आधार हमारी मनोवृत्ति ही हैं

5. भारतीय संस्कृति मानवता प्रधान हैं

6. मृत्यु के बाद भी हम जीवित रहते हैं

7. ब्राह्मण अपने कर्तव्य की उपेक्षा न करे

8. भय छोडि़ये-निर्भय रहिए

9. हमारा जीवन ‘‘दिव्य’’ क्यों नहीं हो पाता ?

10. स्वर-विज्ञान और स्वास्थ्य-रक्षा

11. दुःख का कारण पाप ही नहीं हैं

12. वास्तविक प्रार्थना का सच्चा स्वरूप

13. तैलंग स्वामी का अद्भुत योगबल

14. मन्त्र शक्ति का जीवनोत्कर्ष में उपयोग

15. भारत में योगिनियां भी थी

16. तन्त्र-शास्त्र में मुद्राओं का महत्व

17. विदेशों में दैव संयोगों की धारणा

18. हम क्या चाहते हैं ?

अखण्ड ज्योति अक्टूबर 1959

1. सबको प्यार करो !

2. अखण्ड ज्योति के उत्तरदायित्वों में परिवर्तन

3. अपने आप को पहचानिये

4. आत्मिक समता की आवश्यकता

5. ब्राह्मणत्व की महान् जिम्मेदारी

6. देवत्व की ओर बढ़ने का साधन-सतोगुण

7. एक साथ चलो, आगे बढ़ो

8. मृत्यु से खेलना सीखो

9. ‘‘आध्यात्मिक मानव’’ की आवश्यकता

10. पावन कर्म-यज्ञ-दान-तप

11. कर्म-फल की अमिट छाप

12. न मद न दीनता

13. सादा जीवन उच्च विचार

14. साधना का वास्तविक स्वरूप

15. हिन्दू संस्कृति में विवाह का उद्देश्य

16. गौ की उपयोगिता और हमारा कर्तव्य

17. आर्थिक समस्या पर विचार करने का त्यौहार-दीवाली

अखण्ड ज्योति सितम्बर 1959

1. चेतावनी (कविता)

2. विश्व का कल्याण हो

3. मनुष्यों ! पूर्ण मनुष्य बनो

4. त्याग और पवित्रता की अपार शक्ति

5. दृढ़ इच्छा शक्ति के चमत्कार

6. हम सब संगठन सूत्र में आबद्ध हो

7. जिन्दगी कैसे जिए ?

8. संसार की व्यवस्था करने वाला सिद्ध-संघ

9. आश्रम व्यवस्था से दीर्घ जीवन

10. मनोबल द्वारा रोग निवारण

11. आन्तरिक शत्रुओं से सावधान

12. बापू के आदर्श महाव्रत

13. संसार की सामूहिक आत्महत्या

14. मेस्मरेजम और योगिक साधना

15. नवरात्रि पर्व की महत्ता और कार्यक्रम

16. वीरता और स्वास्थ्य का त्यौहार विजयादशमी

17. पितृ अमावस्या का रहस्य

18. तर्पण विधि

अखण्ड ज्योति अगस्त 1959

1. जीवन को पहचान

2. ‘ओउम्’ शब्द की प्रचण्ड शक्ति

3. हमारी अनेक समस्याओं का एक समाधान

4. धर्म ही संसार में सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति हैं

5. आत्म-चिन्तन नितान्त आवश्यक हैं

6. दिन-दिन ऊँचे चढ़ो-आगे बढ़ो

7. मन्त्र-शक्ति का महत्व

8. समाज-सेवा की श्रेष्ठता का कर्म हैं

9. आध्यात्मिक प्रतीकों का रहस्य

10. ब्रह्मा और उनकी पुत्री का वास्तविक स्वरूप

11. मानव-देह का सदुपयोग

12. गंगा की महिमा

13. जन्माष्टमी का उत्वस आदर्शमय हो

14. वृक्षारोपण की पुनीत परम्परा-हरियाली अमावस्या

15. सत्संकल्पों का त्यौहार-श्रावणी

16. दैवी कृपा द्वारा प्राण रक्षा

17. जीवन को सुखमय, शांतिमय बनाने वाला साहित्य

अखण्ड ज्योति जुलाई 1959

1. निर्माण के हम गीत गाएँ

2. अध्यात्मवाद और हमारी सामाजिक दुर्बलता

3. आत्म-ज्ञान द्वारा सच्चे सुख की प्राप्ति

4. स्वार्थ भाव को मिटाने का व्यावहारिक उपाय

5. गृहस्थ में रहकर ही मुक्ति प्राप्त कीजिए

6. संसार की वर्तमान परिस्थिति और वेदान्त

7. क्या हम फिर जन्म न लेंगे ?

8. भावना योग द्वारा दिव्य दृष्टि

9. मन की अपार सामर्थ्य

10. ध्यान और प्रार्थना से आत्म विकास

11. ईश्वर प्राप्ति के दस वेदोक्त साधन

12. क्या सन् 1962 में विश्वयुद्ध की आग भड़केगी ?

13. गुरू के द्वारा आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति

14. भारतीय योग की अलौकिक सिद्धियां

15. देश-विदेश के योगियों के अद्भुत चमत्कार

16. मन्त्र शक्ति का अद्भुत चमत्कार

17. मानसिक बल और उसका विकास

18. उज्ज्वल भविष्य का शुभ चिन्ह

अखण्ड ज्योति जून 1959

1. भावनायें मंगलमय हों (कविता)

2. मानव का पवित्र पथ-तप और त्याग

3. कर्तव्य की महान् जिम्मेदारी

4. मानव-जीवन की महानता एवं उपयोगिता

5. हम सद्गुणों का उपार्जन क्यों न करें ?

6. आध्यात्मिक शक्ति और मानव

7. साधना में आत्म-समर्पण की आवश्यकता

8. क्या हम सब ईश्वर नहीं हैं ?

9. गृहस्थ में रहकर भी मुक्ति लाभ संभव हैं

10. स्वर्ग कहाँ हैं और कैसा हैं ?

11. सविता और सत्यनारायण

12. मृत्यु-जीवन का अन्तिम अतिथि

13. हमारी शिक्षा कैसी होनी चाहिए

14. आत्म-कल्याण का महान् लक्ष्य

15. व्यावहारिक अध्यात्मवाद की ओर

16. व्रतशीलता की आवश्यकता

17. हमारी महान् किन्तु सरल परमार्थ साधना

18. अपनी इच्छा शक्ति को बढ़ाइये

अखण्ड ज्योति मई 1959

1. अकेला चल ! अकेला चल !!

2. कर्म, भक्ति और ज्ञान के समन्वय से आत्म-दर्शन

3. ईश्वरीय सत्ता का अनुभव और हमारा अन्तर्ज्ञान

4. स्वार्थपरता आध्यात्मिक पतन का मूल कारण हैं

5. हमारी आन्तरिक शक्ति और सुन्दरता

6. पुरूषार्थ द्वारा प्रारब्ध का निर्माण

7. आत्मोन्नति के पथ पर

8. पदार्थों की कारण शक्ति

9. जीवन में निर्भीकता आवश्यक हैं

10. अपने जीवन को आनन्दमय बनाइये

11. कनफ्युशियस के उपदेश

12. जीवनोत्कर्ष में विवेक और वैराग्य का स्थान

13. हिन्दू धर्म का एक प्रधान स्तम्भ-गीता

14. हमारे व्रत धारण की पृष्ठभूमि

15. योजना कठिन नहीं-सरल हैं

16. अब हम लोग कदम-कदम मिलाकर चलेंगे

17. दूसरों की प्रशंसा कीजिए, प्रोत्साहन दीजिए

18. मानवता का विष पी जाओ

अखण्ड ज्योति अप्रेल 1959



















अखण्ड ज्योति मार्च 1959

1. बढ़े श्रेय पथ पर सत्वर

2. शक्ति उपासना और मानव जीवन में सक्रियता

3. नैतिकता-वास्तविक और कृत्रिम

4. हिन्दू जाति और उसका व्यावहारिक ज्ञान

5. योग द्वारा आत्म साक्षात्कार

6. गृहस्थ जीवन और हमारी मानसिक भावनाओं का विकास

7. अनैतिकता और भ्रष्टाचार का उच्छेद कैसे हो ?

8. अपना दृष्टिकोण विशाल बनाइये

9. सुखी जीवन के कुछ सूत्र

10. बुरे विचारों का स्वास्थ्य पर कुप्रभाव

11. गौ की उत्पत्ति और उसका सर्वोपरि महत्व

12. कर्मवाद और भाग्यवाद

13. अब होली का त्यौहार कैसे मनाया जाये ?

14. सफलता का रहस्य

15. भारतीय संस्कृति का मूल आधार-आध्यात्मिकता

16. शिवरात्रि का व्रत एवं उसकी कल्याणकारी शिक्षाए

17. सामाजिक सुधार और महापुरूष

18. चाह-चिन्ता और त्याग

19. मर कर अमर बनिए

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