शुक्रवार, 10 जून 2011

अखण्ड ज्योति दिसम्बर 1979

1. दूरदर्शिता का दुहरा लाभ

2. किस पुण्य का कितना मूल्य

3. आस्तिकता अनुभूतिगम्य हैं

4. देव सत्तायें चैतन्य ऊर्जायें

5. जीवन के प्रति घटती आस्था-कारण और निवारण

6. दुःख नकारात्मक भाव के सिवा कुछ नहीं

7. इन आश्चर्यो का क्या कोई कारण हैं ?

8. ज्ञान न विज्ञान, फिर भी निर्वाध आदान-प्रदान

9. मनोबलः बलं बलः

10. अतीन्द्रिय क्षमताएँ कल्पना नहीं, विज्ञान सम्मत

11. जो कुछ चाहें, वह सब पायें

12. निश्चित रूप से आपने आत्महत्या करना चाहा

13. अध्यात्म ज्ञान से ही मुक्ति हैं !

14. दुःखों की जननी आसक्ति

15. सम्पत्ति के दर्प का दुःखद अन्त

16. ऐसा मद भूल न पीवई जे बहुरि पछताई

17. युग चिन्तन को उभारने के लिए मनीषा का आह्वान

18. सन् 82 की डरावनी सम्भावनाएँ

19. साधना से सिद्धि के सिद्धान्त और प्रयोग

20. इष्टदेव का वरण निर्धारण

21. अद्भुत क्षमताओं से सम्पन्न मानवी मस्तिष्क

22. मुस्कान सुख की खान

23. कुछ आवश्यक ज्ञातव्य

24. उद्बोधन-कविता

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