बुधवार, 8 जून 2011

अखण्ड ज्योति फरवरी 1976

1. साधना से सिद्धि की प्राप्ति

2. इस अंक की पाठ्य सामग्री और उसका प्रयोजन

आत्मज्ञान सर्ग-

3. आत्मज्ञान सबसे बड़ी उपलब्धि

4. उत्थान-पतन की कुंजियाँ अपने हाथों में

5. सादगी आत्मिक प्रगति का प्रमुख आधार

6. समय सम्पदा का उपयुक्त विभाजन

ब्रह्मज्ञान सर्ग-

7. आस्तिकता का स्वरूप और आधार

8. उपासना की आवश्यकता और प्रतिक्रिया

9. ईश्वर प्रदत्त सम्पत्तियाँ और उनका सदुपयोग

तत्वज्ञान सर्ग-

10. विकृत दृष्टिकोण ही नरक और परिष्कृत चिन्तन ही स्वर्ग है

11. राग-द्वेष रहित सुसंतुलित स्नेह-सद्भाव

12. महत्वाकांक्षाओं की मोड़-जीवन का कायाकल्प

सद्ज्ञान सर्ग-

13. कर्मयोग की सर्वसुलभ साधना

14. सफलता के लिए प्रखर कर्म और उसके लिए संकल्प बल चाहिए

15. अध्यात्म बनाम परमार्थ

नवरात्रि तपश्चर्या सर्ग-

16. नवरात्रि पर्व और गायत्री की विशेष तप साधना

17. नवरात्रि अनुष्ठान का विधि विधान

साधन अनुदान और प्रशिक्षण सर्ग-

18. अपनो से अपनी बात

19. शान्ति कुन्ज के शिक्षण सत्रों की नई व्यवस्था

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