गुरुवार, 2 जून 2011

अखण्ड ज्योति नवम्बर 1969

1. निस्वार्थ प्रेम

2. निर्भय, निष्काम, निःशेष

3. दीवानगी तो अब तुमसे मिलकर ही रहेगी

4. भगवान् का स्वरूप, दार्शनिकों और वैज्ञानिकों की दृष्टि में

5. आत्मा की अमरता कल्पना मात्र नहीं

6. आध्यात्मिक जीवन इस तरह जिये

7. वह जो शरीर सहन नहीं कर सकता

8. सन्तोष का आभूषण

9. बहुरूपिये विज्ञान से सत्य का सम्बन्ध कितना ?

10. सुख-दुःख मानसिक स्थिति पर अवलम्बित हैं

11. समाज निर्माण मे पुस्तकालयों की भूमिका

12. कथा-अग्नि दीक्षा

13. मनोविकार हमारे सबसे बड़े शत्रु

14. विलासिता हमें अपंग करके छोड़ेगी

15. अमैथुनी सृष्टि भी होती हैं-हो सकती हैं

16. अपने अनुकूल बने-सुखी रहे

17. संयम ही हमे नष्ट होने से बचायेगा

18. प्रचण्ड शक्ति सम्पन्न सविता

19. कुण्डलिनी प्रचण्ड प्राण शक्ति की गंगोत्री

20. नवयुवक सज्जनता और शालीनता सीखे

21. अपना ही नहीं कुछ समाज का भी हित साधन करे

22. अपनो से अपनी बात-इन कर्तव्यों की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए

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