मंगलवार, 17 मई 2011

अखण्ड ज्योति फरवरी 1959

1. मंगल मंदिर द्वार

2. सत्य को प्रमाणों की आवश्यकता नहीं

3. मानवता और गायत्री

4. दैवी दण्ड-विधान और हमारे आचरण

5. महानता को प्राप्त कीजिए !

6. वर्तमान दूषित सामाजिक व्यवस्था ही दुख का मूल हैं

7. शक्ति और धर्म के सामन्जस्य से विश्व शान्ति

8. पहले अपना सुधार कीजिए

9. मानव-जीवन में समन्वयवाद की आवश्यकता

10. भगवान सूर्य ही जगत के आत्मा हैं !

11. सांस्कृतिक पुनरूत्थान के लिए हमारा संगठन

12. दुर्गापूजा से पशु बलि का कोई सम्बन्ध नहीं

13. संस्कारों और त्यौहारों में सामूहिकता की आवश्यकता

14. अपने ‘‘शत्रुओं’’ की तरफ से सावधान रहे

15. प्राचीन भारत में वैज्ञानिक उन्नति

16. पुनर्जन्म का सिद्धान्त और विज्ञान

17. मानव-जीवन और संघर्ष

18. शान्ति का सच्चा मार्ग-नैतिकता

19. तपोभूमि में युग निर्माण इंजिनियरों का प्रशिक्षण

20. महापुरूषों के उपदेश

21. नई महत्वपूर्ण पुस्तक

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