गुरुवार, 7 अप्रैल 2011

व्यक्ति नहीं, व्यक्तित्व

व्यक्ति की शरीर रचना तो माता-पिता के सम्भोग से अन्य प्राणियों की ही भाँति हो जाती है, किन्तु व्यक्तित्व की रचना बड़ी सावधानी और सूझ-बूझ के साथ करनी होती है |

दार्शनिकों से लेकर वैज्ञानिक तक ने मनुष्य जीवन की महत्ता के जो गीत गाए हैं उनका केन्द्र व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व ही रहा है |

यह तो हो सकता है कि किसी को धन सम्पदा विरासत में मिली हो, पर चरित्र आज तक किसी को भी विरासत में नहीं मिला |

यह निरंतर आत्म-सुधार की प्रक्रिया से लोहा लेने से ही संभव हुआ है |

कोइ सामान्य मनुष्य जब असामान्य बन जाता है, उसके बाह्य आकार, बनावट में उल्लेखनीय परिवर्तन नहीं होता, जो वस्तु बदलती है वह व्यक्तित्व ही है |

-पं. श्रीराम शर्मा आचार्य
जीवन देवता की साधना-आराधना (२) - २.२

Personality, personality, personality

This body is begotten and born of parents, there is really nothing different about the process of human birth, it is the same as in other animals. But on the other hand a personality has to be birthed with great care and resourcefulness.

Everyone, from a scientist to a philosopher has held human life in high regards; they sing praises to its greatness. The object of this praise is not a person, but a persona - the personality.

Yes, we do hear of someone inheriting a huge fortune, but its quite impossible to inherit - a great personality.

To make a personality is to relentlessly fight the battle of self-improvement with firm determination.

When a person becomes great, becomes extraordinary, outwardly he appears to be the same - but something does change, which makes him extraordinary from ordinary and that is - his personality.

-Pt. Shriram Sharma Acharya
Translated from - Pandit Shriram Sharma Acharya’s work
Jivan Devta ki sadhana-aradhana 2:2.2

2 टिप्‍पणियां:

Manpreet Kaur ने कहा…

बहुत ही अच्छे शब्द है !हवे अ गुड डे ! मेरे ब्लॉग पर आये !
Music Bol
Lyrics Mantra
Shayari Dil Se
Latest News About Tech

हल्ला बोल ने कहा…

धार्मिक मुद्दों पर परिचर्चा करने से आप घबराते क्यों है, आप अच्छी तरह जानते हैं बिना बात किये विवाद ख़त्म नहीं होते. धार्मिक चर्चाओ का पहला मंच ,
यदि आप भारत माँ के सच्चे सपूत है. धर्म का पालन करने वाले हिन्दू हैं तो
आईये " हल्ला बोल" के समर्थक बनकर धर्म और देश की आवाज़ बुलंद कीजिये...
अपने लेख को हिन्दुओ की आवाज़ बनायें.
इस ब्लॉग के लेखक बनने के लिए. हमें इ-मेल करें.
हमारा पता है.... hindukiawaz@gmail.com
समय मिले तो इस पोस्ट को देखकर अपने विचार अवश्य दे
देशभक्त हिन्दू ब्लोगरो का पहला साझा मंच
हल्ला बोल

LinkWithin

Blog Widget by LinkWithin