मंगलवार, 27 जुलाई 2010

आत्मविश्वास की डोर

जब बीमारी का पता चला तब वह शख्स 21 वर्ष का था, डॉक्टर ने कह दिया था कि वह 25 वर्ष से अधिक नहीं जी सकेगा यानी वह 4 वर्ष और जी सकता था। लेकिन आज 30 वर्ष से भी ज्यादा समय गुजर गये, वह सिर्फ न अपना कार्य कर रहे है बल्कि चलने और बोलने में नाकाम होने के बावजूद उन्होंने ऐसे कामों को अंजाम दिया जिसका लोहा पूरी दुनिया मानती है। उस व्यक्ति का नाम है " डॉक्टर स्टीफन हॉकिंग ."

ब्रह्मांड के कई रहस्यों को उजागर करने वाले ब्रिटेन के मशहूर वैज्ञानिक डा0 स्टीफन हॉकिंग विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक पेशेवर हैं. स्टीफन हॉकिंग सालों से ALS यानी Amyotrophic Lateral Sclerosis नाम की बीमारी से जूझ रहे हैं। जिसे मोटरन्यूरान भी कहते हैं। 

हॉकिंग विगत 40 वर्षों से व्हील चेयर में कैद हैं। चलने-फिरने में असमर्थ हैं। हाथ-पांव हिलना-डुलना तक बन्द कर चुके हैं। वे 26 वर्षों से बोल नहीं सकते हैं। आज वे स्पीच सिन्थेसाइजर की मदद से बोलते हैं। जिसको उनके लिये एक कम्पनी ने विशेष रूप से तैयार किया है। उनकी व्हील चेयर से एक लैपटॉप से जुड़ा हुआ है।महज कुछ बटन दबाकर वो अपनी बात लोगों तक पहुंचाते हैं।

आत्मविश्वास एवं इच्छाशक्ति के बदौलत कोई भी कार्य किया जा सकता है. ईश्वर डोर नहीं खींचता, आपकी डोर आपके हांथो में है, यह है आत्मविश्वास. 

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