गुरुवार, 16 जुलाई 2009

महापुरुषों के विचार - ५

१- जो कुछ आप कर सकते हैं या कर जाने की इच्छा रखते है उसे करना आरम्भ कर दीजिये । निर्भीकता के अन्दर मेधा ( बुद्धि ), शक्ति और जादू होते हैं । — गोथे
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२- छोटा आरम्भ करो , शीघ्र आरम्भ करो । — रघुवंश महाकाव्यम्
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३- शुभारम्भ, आधा खतम । - अज्ञात
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४- हजारों मील की यात्रा भी प्रथम चरण से ही आरम्भ होती है । — चीनी कहावत
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५- सम्पूर्ण जीवन ही एक प्रयोग है । जितने प्रयोग करोगे उतना ही अच्छा है । — इमर्सन
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६- सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप चौबीस घण्टे मे कितने प्रयोग कर पाते है । — एडिशन
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७- उच्च कर्म महान मस्तिष्क को सूचित करते हैं । — जान फ़्लीचर
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८- मानव के कर्म ही उसके विचारों की सर्वश्रेष्ठ व्याख्या है । — लाक
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९- ईश्वर से प्रार्थना करो, पर अपनी पतवार चलाते रहो ।– वेदव्यास
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१०- अकर्मण्य मनुष्य श्रेष्ठ होते हुए भी पापी है। - ऐतरेय ब्राह्मण-३३।३
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११- जब कोई व्यक्ति ठीक काम करता है, तो उसे पता तक नहीं चलता कि वह क्या कर रहा है पर गलत काम करते समय उसे हर क्षण यह ख्याल रहता है कि वह जो कर रहा है, वह गलत है। - गेटे
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१२- मनुष्य जितना ज्ञान में घुल गया हो उतना ही कर्म के रंग में रंग जाता है । –विनोबा
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१३- अंतर्दृष्टि के बिना ही काम करने से अधिक भयानक दूसरी चीज नहीं है । — थामस कार्लाइल
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१४- एक समय मे केवल एक काम करना बहुत सारे काम करने का सबसे सरल तरीका है । — सैमुएल स्माइल
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१५- संसार का सबसे बडा दिवालिया वह है जिसने उत्साह खो दिया । — श्रीराम शर्मा , आचार्य
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१६- मैं अपने ट्रेनिंग सत्र के प्रत्येक मिनट से घृणा करता था, परंतु मैं कहता था – “भागो मत, अभी तो भुगत लो, और फिर पूरी जिंदगी चैम्पियन की तरह जिओ” – मुहम्मद अली
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१७- कठिन परिश्रम से भविष्य सुधरता है। आलस्य से वर्तमान |-– स्टीवन राइट
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१८- चींटी से परिश्रम करना सीखें | — अज्ञात
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१९- चींटी से अच्छा उपदेशक कोई और नहीं है। वह काम करते हुए खामोश रहती है। - बैंजामिन फ्रैंकलिन
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२०- सूरज और चांद को आप अपने जन्म के समय से ही देखते चले आ रहे हैं। फिर भी यह नहीं जान पाये कि काम कैसे करने चाहिए ? - रामतीर्थ
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२१ - रचनात्मक कार्यों से देश समर्थ बनेगा । — श्रीराम शर्मा , आचार्य
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२२- जिसके पास बुद्धि है, बल उसी के पास है । (बुद्धिः यस्य बलं तस्य ) — पंचतंत्र
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२३- ज्ञान प्राप्ति से अधिक महत्वपूर्ण है अलग तरह से बूझना या सोचना । –डेविड बोम (१९१७-१९९२)

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२४- खाली दिमाग को खुला दिमाग बना देना ही शिक्षा का उद्देश्य है । - - फ़ोर्ब्स

1 टिप्पणी:

Rajeev Kumar Sah ने कहा…

need such quotes to bring people on right track who those are out of track of their life.

i am really impress to read these on your " JANMANAS PARISKAR MANCH" after my sister told me to go through as my mind is disturbed these days.

keep it up this good work

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